koshinder Rana
7 years 10 months ago
गाँधी जी के सुविचार ‘एक कदम स्वच्छता की ओर ’ के सपने को हमने मूर्त रूप दे दिया है | आज भारत के लगभग 16-17 राज्य खुले मे शोच से मुक्त हो चुके है |लेकिन आज हमारे सामने इससे भी बडी चुनौती भारत के प्रत्येक जनमानस को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की है | भू-जल के अनिश्चित दोहन खासकर निजी जलदोहन संसाधनों के अनियमित प्रयोग के द्वारा सम्पूर्ण मानव जाति जल संकट के मुहाने पर खड़ी है | अतः जागरूकता जड से चलनी चाहिए तथा जहाँ तक सम्भव हो निजी जल दोहन संसाधनों पर नकेल कसनी चाहिए|
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