savitesh mishra
11 years 3 months ago
हिंदुस्तान में पहले गुरुकुल पद्यति थी १६ वर्ष की शिक्षा में १६ अलग विषय पढाये जाते थे और विद्यार्थी के रूचि के आधार पर उसको अन्य भागों में बाट दिया जाता था ....धातु विज्ञानं ,ज्योतिष , खगोल्शाष्त्र , और सैकड़ों विषयों पर विशेष विश्वविद्यालय थे .....हर विद्यार्थी अध्ययन के बाद देश सेवा में अपना सहयोग देता था .....उसी तरज पर पढाई को व्यस्थित और देशहित में बनाने की आवश्यकता है ...जैसे अभी जो सरकार ने प्लान किया है रेलवे का विश्वविद्यालय ...इसके साथ साथ हर विषय का एक विशेष विश्वविद्यालय होना चाहिए
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